मां और बच्चे के बीच अटूट प्रेम की अनुभूति- स्तनपान
मां का दूध कहने को तो केवल आहार है बच्चों का, किन्तु उस दूध के साथ मां का अटूट प्रेम,अपनत्व ,स्नेह और सुकून होता है बच्चों के लिए। मां गर्भधारण से लेकर बच्चे के बालिग होने तक बच्चों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच की तरह उनके साथ होती है। मां ने अपने बच्चों को पहली खुराक दूध ही इतना पोषक तत्वों से भरपूर दिया है, जो उनको अंदरुनी शक्ति के साथ-साथ मां के स्नेहिल ममतामयी अनुभूति को भी जागृत करवाता है। लोगों के अनुसार मां का दूध आहार है, किन्तु मां का दूध उस बच्चे के लिए मां के करीब होने, मां के दिल में उनके लिए असीम प्यार और बच्चे के प्रति अगाध प्रेम के स्वरूप को वर्णित करता है। आपने सुना भी होगा लोग अक्सर कहते हैं, जो बच्चे किसी कारण बस मां के दूध से वंचित रह जाते हैं वह शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक रूप से थोड़े पिछड़े होते हैं और मां के सानिध्य से खुद को वंचित महसूस करते हैं। मां के दूध में वह तत्व होते हैं जो बच्चे को अगर पहली खुराक से लेकर 6 माह की उम्र तक दी जाती है तो वह बच्चा समुचित शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास के चरणों को सफलतापूर्वक हासिल करता है ।स्तनपान कर...